गुरुवार 22 जनवरी 2026 - 11:36
ट्रम्प समझ लो! सर्वोच्च नेता पर किसी भी प्रकार का हमला, युद्ध समझा जाएगा।आयतुल्लाहिल उज़मा नूरी हमदानी

हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा नूरी हमदानी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति समझ लो! जो भी इस्लामी क्रांति के नेता पर हमला करना चाहे वह महारिब है,हमने पहले भी फ़िक़ही दलीलें पेश की हैं कि हम सर्वोच्च नेता के समर्थन को शरीयत की ज़िम्मेदारी समझते हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , आयतुल्लाहिल उज़मा नूरी हमदानी ने तेहरान के इमाम ए जुमआ व जमाअत से मुलाकात में, उलेमा की जिम्मेदारी को बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रभावशाली बताते हुए कहा कि हम एक महत्वपूर्ण मोड़ से गुजर रहे हैं और आज दुश्मन साइबर स्पेस में उलेमा पर पूरी तरह से हमला कर रहा है, इसलिए उलेमा को भी मैदान में आना चाहिए।

आज इमाम ए जमाअत की जिम्मेदारी सिर्फ नमाज़ पढ़ाना नहीं है, बल्कि आम लोगों की स्थितियों से अवगत रहते हुए मैदान को खाली न छोड़ना भी उलमा की जिम्मेदारी है।

उन्होंने ख़ास फितनों में चुप्पी या देर से राय और रुख अपनाने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पता नहीं ख़ास किस सोच में हैं? क्या वे यह सोच रहे हैं कि इस्लामी गणतंत्र खत्म हो जाए तो दुश्मन, अल्लाह, कुरआन और अहले-बैत अलैहिस्सलाम का कोई प्रभाव बाकी रहने देंगे? हम सभी ने हाल के फितनों में देखा कि फसादियों ने आम लोगों, मस्जिदों और इमामबारगाहों के साथ क्या-क्या किया और कुरआन को किस तरह आग के हवाले किया?

आयतुल्लाह हमदानी ने आगे कहा कि क्या वास्तव में यह सब आर्थिक मुद्दों के लिए किया गया? निस्संदेह आम लोग कठिनाई में जीवन बिता रहे हैं, लेकिन आम लोगों का कत्लेआम और सभी जगहों पर आग लगाने वाले अपराधी आम लोग नहीं थे।

मरजय ए-तकलीद ने आगे कहा कि हाल के दंगों में अमेरिकी राष्ट्रपति सीधे आया है और दंगाइयों को उम्मीद दिलाई और हाल के दिनों में सर्वोच्च नेता को धमकी भी दी; हालांकि वह जवाब देने लायक नहीं है, लेकिन वह समझ ले! आयतुल्लाह खामेनेई की व्यक्ति पर एक फ़क़ीह और मुस्लिम उम्माह के नेता के रूप में किसी भी प्रकार का हमला मुहारबा के दायरे में आता है; इस बात को हमने पहले भी फ़िक़ही दलीलों से स्पष्ट किया है।

इसलिए उम्मीद की जाती है कि सभी उलमा ए किराम मैदान में आएं और सर्वोच्च नेता का समर्थन करें! हम सर्वोच्च नेता के समर्थन को केवल एक राजनीतिक मामला नहीं समझते, बल्कि शरीयत की जिम्मेदारी समझते हैं।

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